गौ माता के संरक्षण और अपने द्वारा उठाए गए मामलों में न्याय की मांग को लेकर वर्ष 2026 मेरे जीवन का बेहद कठिन दौर रहा। मैंने अपनी क्षमता के अनुसार गौ माता की सेवा की, उनके उपचार में सहयोग किया और जब मुझे लगा कि संबंधित मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हो रही है, तो मैंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का रास्ता चुना।
मेरे लिए गौ सेवा कभी व्यवसाय नहीं रही। मैंने इसे हमेशा सेवा और जिम्मेदारी के रूप में देखा।
17 मार्च 2026: भूख हड़ताल से शुरुआत
गौ माता के संरक्षण और न्याय की मांग को लेकर मैंने 17 मार्च 2026 को भूख हड़ताल शुरू की। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ जाना नहीं था। मैं चाहता था कि मेरी शिकायतों पर निष्पक्ष जांच हो और गौ माता से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
मैंने उम्मीद की थी कि मेरी बात प्रशासन तक पहुंचेगी और संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेंगे।
लेकिन मुझे लगा कि मेरी आवाज उस तरह नहीं सुनी जा रही थी, जैसी मैं उम्मीद कर रहा था।